कानावासी की लापता युवती की बरामदगी की मांग कर रहे ग्रामीणों ने महिलाओं और परिजनों को चोट लगने का दावा किया

सादुलपुर। कानावासी गांव की लापता युवती को सकुशल बरामद करने की मांग को लेकर सोमवार को हमीरवास थाने का घेराव कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवती के माता-पिता सहित कई महिलाओं और पुरुषों को चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया मौके पर पहुंचीं और पुलिस कार्रवाई के विरोध में थाने के सामने धरने पर बैठ गईं।

परिजन और ग्रामीण युवती की तलाश की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। सोमवार को धरने के पांचवें दिन थाना घेराव किया गया। युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहित पूनिया ने बताया कि ग्रामीण नारेबाजी करते हुए थाने के मुख्य द्वार की ओर बढ़ रहे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया।

रोहित पूनिया ने कार्रवाई के दौरान महिलाओं से मारपीट और अभद्रता का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी। घायलों की संख्या और चोटों की गंभीरता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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मौके पर पहुंचीं कृष्णा पूनिया ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताते हुए पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय बल प्रयोग से प्रदर्शन दबाने का प्रयास कर रहा है। पूनिया ने राज्य की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा और ग्रामीणों के समर्थन में खड़े रहने की बात कही।

पूनिया ने चूरू पुलिस अधीक्षक से फोन पर बातचीत कर घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने युवती के माता-पिता को वार्ता में शामिल करने की मांग की। उनका आरोप था कि दोनों को थाने के अंदर रखा गया है और बातचीत में शामिल नहीं होने दिया जा रहा।

उन्होंने कहा कि युवती से जुड़े मामले में उसके माता-पिता की मौजूदगी जरूरी है। पूनिया ने अधिकारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया और पुलिस पर वार्ता में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।

उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। मौके पर पुलिस और आरएसी का जाब्ता मौजूद रहा। लाठीचार्ज की परिस्थितियों और परिजनों को थाने में रखने के आरोपों पर पुलिस का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है।