शिकायतकर्ता का दावा—10 प्रतिशत हिस्सेदारी का भरोसा दिया, लिखित समझौता नहीं होने पर भी वापस नहीं मिली रकम

रतनगढ़। निजी अस्पताल में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर ढाई लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चैनपुरा निवासी जेठाराम उर्फ विकास ज्याणी की रिपोर्ट पर पुलिस ने पुनुसर निवासी लालचंद पुत्र मामराज डूडी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी लालचंद से पहले से पहचान थी। आरोप है कि लालचंद ने खुद को रतनगढ़ के लिंक रोड स्थित संजीवनी हॉस्पिटल का साझेदार बताते हुए अस्पताल में निवेश का प्रस्ताव दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ढाई लाख रुपये देने पर अस्पताल में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी और मासिक लाभ में हिस्सा देने का भरोसा दिया गया। इस पर जेठाराम ने 21 दिसंबर 2025 को संगम चौराहे के पास ढाई लाख रुपये दिए।

विज्ञापन

लिखित समझौता नहीं मिलने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि रकम लेने के बाद दस दिन के भीतर साझेदारी से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने की बात हुई थी। दस्तावेज नहीं बनने की स्थिति में पूरी राशि वापस करने का भी आश्वासन दिया गया था।

जेठाराम का आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद न तो लिखित समझौता किया गया और न ही रुपये लौटाए गए। बाद में रकम मांगने पर जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में लेन-देन, कथित साझेदारी प्रस्ताव और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

यह भी पढ़ें: रतनगढ़ में खेतों से केबल, पीतल के नल और मोबाइल चोरी का मामला