पुरानी DPR में सिंचाई चरण का दिया हवाला; नए समझौते में पानी के उपयोग और क्षेत्रवार लाभ पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा

चूरू। चूरू सांसद राहुल कस्वां ने राजस्थान-हरियाणा यमुना जल परियोजना को लेकर राज्य सरकार से समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि शेखावाटी को मिलने वाले यमुना जल में सिंचाई का प्रावधान किस रूप में रहेगा और इसका क्षेत्रवार लाभ कैसे तय होगा।

कस्वां ने प्रेस वार्ता में वर्ष 1994 के यमुना जल बंटवारा समझौते और पुरानी परियोजना का हवाला दिया। आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, 1994 के समझौते में राजस्थान का हिस्सा 1.119 BCM तय था। केंद्रीय जल आयोग ने फरवरी 2018 में DPR तैयार करने की सैद्धांतिक सहमति दी और राजस्थान ने फरवरी 2019 में DPR जमा की। बाद में परियोजना को चरणों में लागू करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें पहले चरण में पेयजल और दूसरे में सिंचाई को शामिल किया गया था।

नए समझौते में सिंचाई पर मांगी स्पष्टता

फरवरी 2024 के राजस्थान-हरियाणा MoU में जुलाई से अक्टूबर के बीच 577 MCM तक पानी भूमिगत पाइपलाइन से चूरू, सीकर, झुंझुनूं और अन्य जिलों तक पेयजल व अन्य जरूरतों के लिए पहुंचाने का प्रावधान किया गया था। इसमें ऊपरी यमुना बेसिन के तीन प्रस्तावित जलाशयों के बनने के बाद वर्ष के शेष समय में राजस्थान के संबंधित हिस्से को पेयजल और सिंचाई के लिए उपयोग करने की बात भी थी।

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वहीं 29 जून 2026 को हुए निर्माण एवं क्रियान्वयन समझौते की सरकारी जानकारी में करीब 580 MCM पानी जुलाई से अक्टूबर के बीच तीन भूमिगत पाइपलाइनों से राजस्थान पहुंचाने का उल्लेख है। इसके जरिए चूरू, सीकर और झुंझुनूं के साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की बात कही गई है।

कस्वां ने नई व्यवस्था में सिंचाई के प्रावधान और पानी के क्षेत्रवार उपयोग की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

MoA सार्वजनिक करने की मांग

कस्वां ने आरोप लगाया कि नए MoA की पूरी जानकारी जनता के सामने नहीं रखी गई है। उन्होंने सरकार से समझौते की पूरी प्रति सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पानी के उपयोग और क्षेत्रवार लाभ को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

उन्होंने राजगढ़ क्षेत्र में संभावित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी उठाया। कस्वां ने कहा कि भूमि से जुड़ी किसी प्रक्रिया से पहले स्थानीय लोगों को परियोजना और पानी के उपयोग की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।