74 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

चूरू साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 74 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े हुए थे।

यह मामला न्यांगल बड़ी निवासी संतलाल की शिकायत से जुड़ा है। संतलाल ने 15 मई को साइबर थाना पुलिस को रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और 74 लाख रुपये की ठगी कर ली।

शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने शुरू की जांच

मामला सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में किया गया था।

जांच में पुलिस को कई अहम कड़ियां मिलीं। इन्हीं कड़ियों के आधार पर पुलिस टीम चित्तौड़गढ़ पहुंची। वहां से मोहम्मद जाहिद खान और फैयाज खान उर्फ फैजल को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया।

बैंक खातों में करीब 20 लाख रुपये के लेन-देन की बात आई सामने

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद जाहिद खान के बैंक खातों में करीब 20 लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को आगे भेजने या निकालने के लिए किया गया।

वहीं, आरोपी फैयाज खान उर्फ फैजल को लेकर पुलिस पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, वह पिछले करीब दो साल से साइबर अपराध से जुड़े लोगों के संपर्क में था।

100 से ज्यादा बैंक खाते उपलब्ध करवाने का आरोप

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि फैयाज खान उर्फ फैजल लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते हासिल करता था। आरोप है कि उसने 100 से ज्यादा बैंक खाते साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को उपलब्ध करवाए।

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इन बैंक खातों का इस्तेमाल अलग-अलग साइबर अपराधों में होने की आशंका जताई जा रही है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन खातों से कितनी रकम आई, कितनी रकम आगे भेजी गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एक आरोपी रिमांड पर, दूसरा न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

पुलिस ने आरोपी फैयाज खान उर्फ फैजल को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं आरोपी मोहम्मद जाहिद खान को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

चूरू साइबर थाना पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान

पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी बातों से डरें नहीं। कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, क्राइम ब्रांच या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराता है, तो तुरंत कॉल काट दें।

किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करें।

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