कांग्रेस का दावा- बहुमत के साथ बनाएंगे बोर्ड; भाजपा और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका पर रहेगी नजर

चूरू, 12 सितंबर। नगर परिषद चुनाव का मतदान पूरा होने के बाद अब चूरू की राजनीतिक तस्वीर मतगणना और उसके बाद बनने वाले समीकरणों पर टिक गई है। चुनाव परिणाम आने से पहले ही कांग्रेस ने नगर परिषद में अपना बोर्ड बनने का दावा किया है।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया ने कहा है कि कांग्रेस बहुमत हासिल कर नगर परिषद में बोर्ड बनाएगी और सभापति पद पर भी कांग्रेस का उम्मीदवार होगा।

कांग्रेस ने जताया बहुमत का भरोसा

मंडेलिया का यह बयान कांग्रेस की बैठक के दौरान सामने आया। मतदान समाप्त होने के बाद राजनीतिक दल अब वार्डवार स्थिति और संभावित परिणामों का आकलन करने में जुटे हैं।

मंडेलिया ने कहा कि चूरू की जनता ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ मतदान किया है और कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन मिला है। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस दल को बहुमत मिलता है।

दावों की परीक्षा मतगणना के दिन

चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने अपने पक्ष में माहौल होने का दावा किया था। अब इन दावों की वास्तविक स्थिति मतगणना के बाद सामने आएगी।

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कांग्रेस का कहना है कि उसके प्रत्याशी पर्याप्त संख्या में जीत दर्ज करेंगे। मंडेलिया ने पार्टी प्रत्याशियों की एकजुटता को कांग्रेस की ताकत बताया है।

भाजपा और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम

नगर परिषद में बोर्ड गठन का फैसला केवल कांग्रेस और भाजपा के प्रदर्शन से तय नहीं होगा। यदि कोई भी प्रमुख दल बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंचता है तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

चुनाव परिणाम के बाद यह देखना अहम होगा कि निर्दलीय उम्मीदवार कितनी संख्या में जीत दर्ज करते हैं और उनका समर्थन किस दल के साथ जाता है।

भाजपा की ओर से बोर्ड गठन को लेकर अंतिम तस्वीर चुनाव परिणाम के बाद ही साफ होगी। पार्टी भी अपने स्तर पर चुनावी समीकरणों का आकलन कर रही है।

विकास के मुद्दों पर कांग्रेस का जोर

रफीक मंडेलिया ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य चूरू शहर में विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने सड़क, सफाई, पानी और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।

अब निगाहें मतगणना पर हैं। परिणाम आने के बाद ही साफ होगा कि चूरू नगर परिषद की कमान किस दल के हाथ में जाएगी और बोर्ड गठन में कौन-कौन से राजनीतिक समीकरण सामने आते हैं।