भाजपा में संभावित चेहरों पर मंथन; पार्टी की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं
चूरू। नगर परिषद चुनाव के नतीजों के बाद अब शहर की राजनीति बोर्ड गठन और सभापति पद पर केंद्रित हो गई है। भारतीय जनता पार्टी में सभापति के संभावित चेहरे को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसी बीच विनय उर्फ ‘शेरू’ गोयनका का नाम भी राजनीतिक हलकों में चर्चा में है।
भाजपा ने फिलहाल सभापति पद के लिए किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में सामने आ रहे नामों को अभी संभावित दावेदारी के तौर पर ही देखा जा रहा है।
गोयनका का नाम स्थानीय संगठन में उनकी सक्रियता और पार्टी के भीतर उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता को लेकर चर्चा में बताया जा रहा है। हालांकि उनके नाम को लेकर पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक संकेत सामने नहीं आया है।
पार्षदों का समर्थन होगा अहम
सभापति के चयन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाचित पार्षदों के समर्थन की होगी। पार्टी को ऐसा चेहरा तय करना होगा, जिसके नाम पर अधिकतम पार्षदों की सहमति बन सके और संगठन स्तर पर भी विरोध की स्थिति न बने।
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यही वजह है कि संभावित नामों को लेकर पार्टी के भीतर राजनीतिक समीकरणों का आकलन किया जा रहा है।
सामाजिक समीकरणों पर भी नजर
सभापति पद का फैसला करते समय स्थानीय सामाजिक समीकरण भी भूमिका निभा सकते हैं। विनय गोयनका अग्रवाल समाज से आते हैं, इसलिए उनके नाम की चर्चा को इस नजरिये से भी देखा जा रहा है।
हालांकि पार्टी किस सामाजिक या राजनीतिक समीकरण को प्राथमिकता देती है, यह अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
भाजपा ने अभी नहीं खोले पत्ते
फिलहाल भाजपा ने सभापति पद को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। विनय ‘शेरू’ गोयनका का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन उनके अलावा अन्य नामों पर भी विचार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बोर्ड गठन से पहले पार्षदों की संख्या, आंतरिक सहमति और पार्टी नेतृत्व की रणनीति इस फैसले में अहम होगी।
अब नजर भाजपा के आधिकारिक निर्णय पर है। सभापति पद के लिए किस नाम पर सहमति बनती है, यह पार्टी की घोषणा के बाद ही साफ होगा।





