स्कूल छोड़ने के बहाने कार में बैठाने का आरोप; पुलिस ने नाकाबंदी कर नाबालिग को दस्तयाब किया, एसपी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
चूरू। जिले के भालेरी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा को स्कूल छोड़ने के बहाने कार में बैठाकर कथित रूप से अपहरण और दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने एक टैक्सी चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सूचना मिलने के करीब 12 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया गया और नाबालिग को दस्तयाब कर आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
पुलिस ने आरोपी की पहचान चूरू निवासी 42 वर्षीय मंजूर अली के रूप में की है। वह पेशे से टैक्सी चालक बताया गया है। मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में दी।
बस का इंतजार कर रही थी नाबालिग
पुलिस के अनुसार 12 सितंबर की सुबह नाबालिग छात्रा स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान कार चालक वहां पहुंचा और छात्रा को स्कूल तक छोड़ने की बात कही।
पुलिस का आरोप है कि छात्रा के कार में बैठने के बाद आरोपी उसे स्कूल ले जाने के बजाय एक सुनसान स्थान की ओर ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है।
सूचना मिलते ही कराई गई नाकाबंदी
एसपी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नाबालिग लड़की को कार में लेकर चूरू की ओर जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नाकाबंदी कराई गई और संबंधित पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया।
पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर आरोपी को हिरासत में लिया और नाबालिग को दस्तयाब किया। इसके बाद उसके परिजनों को सूचना दी गई।
मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग की व्यवस्था
पुलिस के मुताबिक नाबालिग को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। उसका आवश्यक मेडिकल परीक्षण कराया गया और बयान दर्ज किए गए।
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पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार को काउंसलिंग सहित आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटा रही पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक टीमों की ओर से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मोबाइल और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल की तस्दीक के दौरान भागने का प्रयास: पुलिस
पुलिस के अनुसार आरोपी को घटनास्थल की तस्दीक के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित रूप से पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि भागते समय आरोपी पत्थरों पर गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट लगी। इसके बाद उसे उपचार के लिए तारानगर के राजकीय अस्पताल ले जाया गया।
पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न करने की अपील
पुलिस अधीक्षक ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी सार्वजनिक या सोशल मीडिया पर साझा न की जाए।
नाबालिग का नाम, फोटो, स्कूल, परिवार, सटीक निवास स्थान या ऐसी कोई अन्य जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ सके।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक वैज्ञानिक व कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।





