चूरू। शहर में हुई बारिश के बाद झारिया मोरी क्षेत्र में एक बार फिर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क पर पानी जमा होने से स्थानीय लोगों, पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सालों से बनी हुई है। तेज बारिश के बाद मार्ग पर इतना पानी भर जाता है कि कई बार लोगों के लिए यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद भी पानी दो से तीन दिन तक जमा रहता है। लंबे समय तक जलभराव रहने से दैनिक आवागमन प्रभावित होता है और वाहन चालकों को सावधानी के साथ रास्ता पार करना पड़ता है।

हर मानसून में दोहराती है समस्या

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मानसून शुरू होते ही झारिया मोरी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बार-बार सामने आती है। वर्षों के दौरान अलग-अलग सरकारें और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बदलती रहीं, लेकिन पानी की निकासी के लिए स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया।

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जलभराव के दौरान सड़क और गड्ढों का अंतर साफ दिखाई नहीं देता। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और वाहनों के गड्ढों में फंसने का खतरा बना रहता है। पानी अधिक होने पर पैदल राहगीरों के लिए भी रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है।

स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग

क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि हर मानसून में अस्थायी रूप से पानी निकालना पर्याप्त नहीं है। समस्या के मूल कारणों की पहचान कर ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा न रहे।

बारिश से शहर को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन झारिया मोरी में जलभराव ने एक बार फिर सालों पुरानी समस्या को सामने ला दिया है।

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