चूरू। राज्य में तबादलों से रोक हटने के बाद भी थर्ड ग्रेड शिक्षकों को राहत नहीं मिलने का विरोध चूरू में भी देखने को मिला। 25 जून को शिक्षकों ने प्रदर्शन कर सरकार से तबादला नीति लागू करने और पदोन्नति से जुड़े मामलों का समाधान करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षक लाल झंडों और मांगों से जुड़ी तख्तियों के साथ नजर आए। शिक्षकों का कहना था कि सरकार ने कई संवर्गों के लिए तबादलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है, लेकिन थर्ड ग्रेड शिक्षकों को अब भी इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसी कारण लंबे समय से दूरदराज क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों में नाराजगी बनी हुई है।
प्रदर्शन में शामिल शमशेर गांधी सहजूसर ने बताया कि थर्ड ग्रेड शिक्षक वर्षों से तबादलों को लेकर स्पष्ट नीति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक अपने गृह जिले या नजदीकी क्षेत्र में आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन नीति नहीं बनने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।
शिक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से पदोन्नति से जुड़े मामले अटके हुए हैं, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार तबादला और पदोन्नति, दोनों मुद्दों पर जल्द स्थिति स्पष्ट करे।
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राज्य स्तर पर भी यह मुद्दा शिक्षक संगठनों के बीच लगातार उठ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान में ग्रेड थर्ड शिक्षकों के अंतिम तबादले 2018 में हुए थे। इसके बाद से बड़ी संख्या में शिक्षक तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं हजारों शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया भी अटकी बताई जा रही है।
चूरू में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।
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