चूरू के राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं परिजन उमस में कूलर ढोते दिख रहे हैं, कहीं पीने के पानी की हालत पर नाराजगी है और एक वीडियो में अस्पताल के अंदर पशु घूमता नजर आ रहा है।
ये वीडियो और तस्वीरें आसिफ खान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा है। मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि DB अस्पताल चूरू जिले की बड़ी सरकारी चिकित्सा सुविधा है और यहां शहर के साथ आसपास के गांवों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
उमस में कूलर ढोते दिखे परिजन
साझा की गई तस्वीरों में अस्पताल परिसर में लोग कूलर लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट में कहा गया है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को उमस में राहत के लिए अपने स्तर पर इंतजाम करना पड़ रहा है।
आसिफ खान ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लगाए गए कई कूलर-पंखे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं या उनमें पानी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं, तो उन्हें वार्ड में ठंडक के इंतजाम के लिए खुद क्यों जूझना पड़े।
वार्डों में भर्ती मरीज, प्रसूता महिलाएं, नवजात बच्चे और बुजुर्ग ऐसे हालात में सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। चूरू में उमस के बीच अस्पताल की यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
साफ पानी के लिए जद्दोजहद का मुद्दा
एक अन्य वीडियो में अस्पताल की पेयजल व्यवस्था दिखाई गई है। पोस्ट में पीने के पानी की हालत पर नाराजगी जताते हुए साफ पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
आसिफ खान ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीज और परिजन पहले ही इलाज की चिंता में रहते हैं। ऐसे में पानी जैसी जरूरी चीज को लेकर भी उन्हें परेशान होना पड़े, तो जिम्मेदारों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
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अस्पताल के अंदर पशु दिखने से उठे सवाल
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अस्पताल के अंदरूनी हिस्से में पशु घूमता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के बाद अस्पताल परिसर की निगरानी और देखरेख को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।
अस्पताल के अंदर मरीज, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लगातार आते-जाते रहते हैं। ऐसे में अंदर पशु का पहुंचना अस्पताल की रोजमर्रा की देखरेख पर सवाल खड़ा करता है।
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प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा
आसिफ खान ने पोस्ट के जरिए अस्पताल प्रशासन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि जिले के बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों और परिजनों को कूलर-पंखे, साफ पानी और देखरेख जैसी जरूरी चीजों के लिए खुद संघर्ष नहीं करना पड़े।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
Churu Times चूरू जिले के जनहित से जुड़े ऐसे मुद्दों को लगातार सामने लाता रहेगा।





