चूरू। नागौर के डांगावास प्रकरण में 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की मांग को लेकर चूरू जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में राज्य सरकार से मामले में उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट में अपील करने की मांग की गई है। साथ ही सीबीआई द्वारा फैसले के विधिक पहलुओं की समीक्षा किए जाने की मांग भी उठाई गई।

डांगावास गांव में 14 मई 2015 को जमीन विवाद के दौरान हुई हिंसा में छह लोगों की मौत हुई थी। करीब 11 वर्ष चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष एससी/एसटी अदालत ने मामले के सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया।

फैसले को चुनौती देने की मांग

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चूरू जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुरेश कल्ला ने कहा कि अदालत के फैसले को लेकर पीड़ित पक्ष में असंतोष है। उन्होंने बताया कि संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की मांग की है।

प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट सुनील मेघवाल झारिया के मुताबिक ज्ञापन में सीबीआई से भी फैसले के कानूनी पहलुओं का परीक्षण करने और आगे उपलब्ध अपील संबंधी विकल्पों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि मामले में उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ित पक्ष की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों पर विचार किया जाए।

ज्ञापन देने के दौरान ये रहे मौजूद

इस दौरान सरदारशहर देहात अध्यक्ष कालूराम मेघवाल, रतनगढ़ तहसील अध्यक्ष विधाधर बैरवाल, सुजानगढ़ देहात अध्यक्ष राज कताला, चूरू शहर अध्यक्ष चन्दन खरडीया, सतपाल लोहसना, किसना राम, अमित कुमार, जगदीश बैरवाल, मगना राम और राजेंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।