Bidasar Honey Trap Case: चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र से हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने युवक को प्रेमजाल में फंसाया और बाद में उससे तीन लाख रुपए की मांग की।
चूरू। जिले के बीदासर थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने लोगों को सतर्क कर दिया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वहीं, महिला के एक सहयोगी को भी डिटेन कर पूछताछ की जा रही है।
चूरू न्यूज़ टुडे में यह मामला इसलिए चर्चा में है, क्योंकि शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे प्रेम संबंधों के बहाने जाल में फंसाया गया और बाद में दबाव बनाकर रुपए मांगे गए। पुलिस अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी महिला और उसके सहयोगी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
बीदासर थाने में युवक ने दर्ज करवाई शिकायत
जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद के अनुसार, एक परिवादी ने पुलिस थाना बीदासर में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक महिला ने उसे प्रेम संबंधों के बहाने अपने संपर्क में लिया और बाद में ब्लैकमेल कर तीन लाख रुपए की मांग की।
परिवादी ने खुद को ब्लैकमेल किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर बीदासर थाना पुलिस ने 25 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बीदासर न्यूज़ से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा में है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक पर किस तरह दबाव बनाया गया और इस पूरे प्रकरण में किन लोगों की भूमिका रही।
विशेष टीम बनाकर आगे बढ़ाई गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की निगरानी में बीदासर थानाधिकारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई।
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, आसूचना संकलन और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी महिला तक पहुंची और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
चूरू जिले में इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है, क्योंकि ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित बदनामी या दबाव के कारण शिकायत दर्ज नहीं करवाते। इस केस में शिकायत के बाद पुलिस ने जांच को तेजी से आगे बढ़ाया।
मुख्य आरोपी महिला गिरफ्तार, कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जया देवी उम्र 31 साल, निवासी प्रताप बस्ती, बीकानेर और वर्तमान में सरदारशहर निवासी को 6 जून 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
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पुलिस के अनुसार, इस मामले में सत्यनारायण प्रजापत उम्र 50 साल, निवासी दड़ीबा, बीदासर को भी डिटेन किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी दर्ज हो चुका है इसी तरह का मामला
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला और उसके सहयोगी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जया देवी और सत्यनारायण प्रजापत के खिलाफ बीदासर थाने में पहले भी इसी प्रकार का मामला दर्ज हो चुका है।
उस पुराने मामले में भी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी और वे जमानत पर चल रहे थे। नए मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान केस के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
Bidasar News Today में यह केस इसलिए भी अहम है, क्योंकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह किसी और व्यक्ति को भी निशाना बनाया था या नहीं।
पुलिस ने आमजन से की सतर्क रहने की अपील
चूरू जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाती है और दूसरे लोगों को भी ऐसे अपराधों का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
पुलिस ने लोगों से यह भी कहा है कि ऑनलाइन दोस्ती, प्रेम संबंधों के नाम पर दबाव, पैसों की मांग या निजी जानकारी के दुरुपयोग जैसी स्थिति को हल्के में न लें। ऐसी घटनाओं में चुप रहने के बजाय तुरंत शिकायत करना जरूरी है।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
इस पूरे मामले की जांच और कार्रवाई में बीदासर थानाधिकारी दिलीप सिंह के साथ सहायक उपनिरीक्षक अविनाश जाखड़, कांस्टेबल सरोज मकानी, गिरीश और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस आरोपी महिला और उसके सहयोगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन शामिल था और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी को इस तरह ब्लैकमेल किया था।
चूरू टाइम्स आमजन से अपील करता है कि हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। समय पर उठाया गया कदम न केवल पीड़ित को न्याय दिला सकता है, बल्कि दूसरे लोगों को भी ऐसे अपराधों से बचा सकता है।
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