चूरू जिले के राजगढ़-सादुलपुर क्षेत्र से जुड़ा नाजमीन बानो केस अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। झुंझुनूं निवासी 26 वर्षीय नाजमीन बानो की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पीहर पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं लगती, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस मामले को लेकर राजगढ़, सादुलपुर, चूरू और झुंझुनूं क्षेत्र में लोगों के बीच रोष देखा जा रहा है। परिजन और स्थानीय लोग नाजमीन बानो को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को मामले की जांच हर पहलू से करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
6 मई को हुई संदिग्ध मौत से उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, नाजमीन बानो की मौत 6 मई को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई बताई जा रही है। शुरुआत में पीहर पक्ष को तबीयत खराब होने की सूचना दी गई थी, लेकिन बाद में मौत की जानकारी मिलने पर परिवार को पूरे मामले पर संदेह हुआ।
परिवार का आरोप है कि जब नाजमीन का शव देखा गया तो गले पर संदिग्ध निशान दिखाई दिए। परिजनों का कहना है कि अगर मौत सामान्य थी, तो शव दिखाने में आनाकानी क्यों की गई। इसी वजह से परिवार ने मामले की गहराई से जांच की मांग उठाई है।
परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया
नाजमीन बानो के पीहर पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि नाजमीन के साथ पहले भी विवाद और प्रताड़ना जैसी स्थिति रही थी। हालांकि, इस मामले में अंतिम सच पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
कानूनी रूप से यह मामला अभी जांच के अधीन है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन परिवार के आरोपों और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
चार साल की बच्ची के बयान से मामला और संवेदनशील
इस मामले में सबसे संवेदनशील पहलू नाजमीन बानो की चार साल की बेटी से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों का दावा है कि बच्ची ने अपनी मां के साथ मारपीट और गला दबाने जैसी बात कही है।
हालांकि, बच्ची का बयान बेहद संवेदनशील विषय है। ऐसे में इसे पुलिस और जांच एजेंसी द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत ही परखा जाना चाहिए। परिवार का कहना है कि बच्ची की बातों को जांच में गंभीरता से शामिल किया जाना चाहिए।
मोबाइल फोन को लेकर भी उठे सवाल
नाजमीन बानो के मोबाइल फोन को लेकर भी परिवार ने सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि मोबाइल फोन में कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, चैट या अन्य ऐसी जानकारी हो सकती है, जो मामले की जांच में मददगार साबित हो सकती है।
परिवार की मांग है कि पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और परिजनों के आरोपों की गहन जांच करे, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।
न्याय की मांग को लेकर लोगों में रोष
नाजमीन बानो की संदिग्ध मौत के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। परिजनों और समाज के लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि अगर जांच में किसी की भूमिका सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजगढ़-सादुलपुर क्षेत्र में इस मामले को लेकर न्याय की आवाज उठ रही है। स्थानीय लोग और परिजन चाहते हैं कि नाजमीन बानो केस में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और जांच पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े।
प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग
नाजमीन बानो को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोगों ने विरोध जताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
लोगों की मांग है कि नाजमीन बानो की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, बच्ची के बयान, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और परिवार के आरोपों को गंभीरता से जांच में शामिल किया जाए। परिजनों का कहना है कि जब तक सच सामने नहीं आता, वे न्याय की मांग उठाते रहेंगे।
पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
सादुलपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





