जोधपुर जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। अपनी कला और संस्कृति के जरिए सोशल मीडिया पर धाक जमाने वाली इन्फ्लुएंसर अनीता बिश्नोई ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाया है। अनीता ने घर में रखे कीटनाशक का सेवन कर लिया, जिसके बाद उन्हें मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर मिली 'मानसिक यातना'
Anita Bishnoi Instagram पर लाखों लोगों की चहेती थीं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे 'डिजिटल नफरत' का सामना कर रही थीं। उनके पति दिनाराम बिश्नोई ने बताया कि कुछ दिन पहले पोस्ट किए गए एक वीडियो के बाद से ही उन्हें अज्ञात लोगों द्वारा निशाना बनाया जा रहा था। इंस्टाग्राम कमेंट्स और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए उन पर भद्दी टिप्पणियां की जा रही थीं, जिससे वे गहरे तनाव (Depression) में थीं।
आखिरी पोस्ट: "आज के बाद नहीं दिखेगी आपकी बहन"
घटना से चंद घंटों पहले अनीता ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा— "आज के बाद आपकी बहन इस दुनिया में नहीं दिखेगी।" पति दिनाराम ने बताया कि वह सुबह किसी काम से बाहर गए थे, तभी उन्हें इस पोस्ट की जानकारी मिली। जब वे दौड़कर घर पहुँचे, तो अनीता फर्श पर बेहोश पड़ी थीं। आनन-फानन में उन्हें जोधपुर के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
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पुलिस कार्रवाई और कानूनी पक्ष
जोधपुर के इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभी तक परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ लिखित नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। परिजनों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता अनीता की जान बचाना है। हालांकि, जोधपुर पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है। गौर करने वाली बात यह है कि अनीता ने पहले पुलिस में जाने से मना कर दिया था, क्योंकि उन्हें लगा था कि वे इन ट्रोलर्स का मुकाबला खुद कर लेंगी।
चूरू टाइम्स विशेष संपादकीय टिप्पणी:
डिजिटल दुनिया का काला सच: सोशल मीडिया पर किसी को ट्रोल करना या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना एक गंभीर अपराध है। Churu Times अपने पाठकों से अपील करता है कि इंटरनेट का उपयोग जिम्मेदारी से करें। यदि आप या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद (Depression) से गुजर रहा है, तो कृपया चुप न रहें। आप किरण हेल्पलाइन (1800-599-0019) जैसे विशेषज्ञों से मदद ले सकते हैं।





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