चूरू। ईद के मौके पर चूरू में मुस्लिम समाज की ओर से भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की गई। चूरू जिला मुख्यालय पर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था का प्रतीक है और मुस्लिम समाज इस आस्था का सम्मान करता है। उन्होंने मांग की कि पूरे भारत में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, ताकि समाज में आपसी भाईचारे, सम्मान और सौहार्द का संदेश और मजबूत हो।
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत में गाय को सदैव सम्मान, उपयोगिता और सेवा के प्रतीक के रूप में देखा गया है। गाय कृषि, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। इसके दूध, गोबर और अन्य उपयोग खेती-किसानी व समाज दोनों के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
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ज्ञापन में यह भी कहा गया कि देश में करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं गाय से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सभी समुदायों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। मुस्लिम समाज ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में शांति, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
चूरू में मुस्लिम समाज की इस पहल को सामाजिक सद्भाव से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाया जाए और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के विषय में गंभीरता से विचार किया जाए।
ईद-उल-अजहा के अवसर पर देश और प्रदेश के कई हिस्सों में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे से जुड़े संदेश सामने आए हैं। इसी कड़ी में चूरू में मुस्लिम समाज की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
समाज के लोगों का कहना है कि भारत की पहचान विविधता में एकता से है। सभी धर्मों और समुदायों के बीच सम्मान की भावना बनी रहे, यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। चूरू में उठी यह मांग आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल के रूप में देखी जा रही है।
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