चूरू, 29 जुलाई। भालेरी थाना क्षेत्र से जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म, ब्लैकमेल और जहर देकर जान से मारने के प्रयास के मामले में चूरू की विशेष पॉक्सो कोर्ट प्रथम ने एक आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹45 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष 10 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए और 38 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया।
फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, भालेरी थाने में दर्ज मामले में आरोप था कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया।
आरोप था कि फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। बाद में उसे कीटनाशक पिलाकर जान से मारने का प्रयास किया गया।
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पीड़िता को उपचार के लिए पहले चूरू के अस्पताल और बाद में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
10 गवाह और 38 दस्तावेजी साक्ष्य पेश
मामले की जांच भालेरी थाना पुलिस ने की। अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोपी के खिलाफ विशेष पॉक्सो न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 38 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹45 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अदालत ने पीड़िता को प्रतिकर योजना के तहत ₹6 लाख दिलाने का आदेश भी दिया है।





