चापटिया तलाई की पाइपलाइन टूटी, किसानों ने लगाए गंभीर आरोप

सुजानगढ़/चूरू। चूरू जिले के सुजानगढ़ क्षेत्र में चापटिया तलाई से खालिया रोड की ओर गंदे पानी की निकासी के लिए डाली गई पाइपलाइन अब किसानों और ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे गंदा पानी रास्ते में फैल रहा है और खेतों तक जाने वाले मार्ग प्रभावित हो रहे हैं।

गंदे पानी की निकासी के लिए डाली गई थी पाइपलाइन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चापटिया तलाई क्षेत्र से गंदे पानी की निकासी के लिए आबसर-खालिया लिंक रोड की ओर पाइपलाइन डाली गई थी। इसका उद्देश्य पानी को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंचाना था, लेकिन किसानों का कहना है कि पाइपलाइन टूटने और लीकेज होने से पानी रास्ते में ही फैल रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, पाइपलाइन की मौजूदा स्थिति के कारण खेतों तक आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई जगह रास्ते खराब हो रहे हैं और बारिश का मौसम शुरू होने पर समस्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

किसानों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल

किसानों और ग्रामीणों ने पाइपलाइन की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पाइपलाइन डालने के दौरान निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह मजबूत प्रेशर पाइपलाइन की जरूरत थी, वहां कमजोर पाइपलाइन डाली गई, जिसके कारण पाइपलाइन जगह-जगह से टूटने लगी है।

स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों और नगर परिषद को अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत या तकनीकी जांच नहीं करवाई गई, तो आने वाले दिनों में खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों पर और ज्यादा परेशानी हो सकती है।

बारिश से पहले समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन की तकनीकी जांच करवाई जाए और जहां-जहां लीकेज या टूट-फूट है, वहां तुरंत सुधार किया जाए। किसानों का कहना है कि बारिश के मौसम में यदि यही स्थिति रही, तो गंदा पानी और कीचड़ खेतों के रास्तों को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है।

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किसानों ने यह भी मांग उठाई है कि पाइपलाइन कार्य की गुणवत्ता की जांच हो और यदि निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग पाया जाता है, तो संबंधित फर्म या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यों में गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि पाइपलाइन जल्द ही खराब हो रही है, तो इसकी जांच जरूरी है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और ठेकेदार से जवाब मांगा जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने और आगे की कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।

क्षेत्र के किसानों में नाराजगी

चापटिया तलाई और आबसर-खालिया लिंक रोड क्षेत्र से जुड़े किसानों में इस समस्या को लेकर नाराजगी है। किसानों का कहना है कि पाइपलाइन का उद्देश्य पानी निकासी की समस्या का समाधान करना था, लेकिन अब यही पाइपलाइन खेतों के रास्तों और ग्रामीणों की आवाजाही के लिए परेशानी बन रही है।

फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके की जांच करवाकर पाइपलाइन को सही करवाए, ताकि बारिश से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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