नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Norway दौरे से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में एक Norwegian पत्रकार PM Modi से सवाल पूछने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। इसी वीडियो को लेकर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और विपक्ष ने इसे प्रेस फ्रीडम व जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया।
Rahul Gandhi ने वीडियो शेयर करते हुए PM Modi पर तंज कसा। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री पत्रकारों के सीधे सवालों से बचते हैं। हालांकि वीडियो में यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं होता कि PM Modi ने सवाल सुना या नहीं, लेकिन राजनीतिक तौर पर यह मामला अब बड़ा मुद्दा बन गया है।
पत्रकार के सवाल से शुरू हुआ विवाद
Norway में PM Modi और Norway के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre की मौजूदगी में मीडिया से जुड़ा एक मोमेंट चर्चा में आ गया। वीडियो में Norwegian पत्रकार Helle Lyng PM Modi से सवाल पूछती दिखाई देती हैं। सवाल प्रेस से बातचीत और मीडिया के सवालों को लेकर था।
वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में बड़े नेताओं को पत्रकारों के सवालों का सामना करना चाहिए। वहीं सरकार समर्थक पक्ष इसे विपक्ष का राजनीतिक हमला बता रहा है।
Rahul Gandhi ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना
Rahul Gandhi ने इस वीडियो को शेयर करते हुए PM Modi पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया भारत के प्रधानमंत्री को सवालों से बचते हुए देखती है, तो देश की छवि पर असर पड़ता है। राहुल गांधी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तेज बहस शुरू हो गई।
कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र और प्रेस की आजादी से जोड़ा है। वहीं BJP समर्थकों का कहना है कि विपक्ष PM Modi के विदेश दौरे को राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश कर रहा है।
Press Freedom को लेकर फिर छिड़ी बहस
इस विवाद ने भारत में press freedom और नेताओं की media accountability को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री को पत्रकारों के सवालों से बचना नहीं चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है।
दूसरी ओर सरकार समर्थक पक्ष का कहना है कि PM Modi का Norway दौरा कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण था। उनके मुताबिक विपक्ष इस दौरे की उपलब्धियों की जगह एक वीडियो को राजनीतिक मुद्दा बना रहा है।
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Norway दौरे पर PM Modi की अहम मुलाकातें
PM मोदी का Norway दौरा भारत और Nordic देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान आर्थिक सहयोग, हरित ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई। Norway सहित Nordic देशों के साथ भारत की साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश भी इस दौरे का हिस्सा रही।
लेकिन पत्रकार के सवाल वाला वीडियो सामने आने के बाद दौरे की कूटनीतिक चर्चाओं के साथ-साथ यह राजनीतिक विवाद भी सुर्खियों में आ गया।
डॉलर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर
PM Modi Norway Visit पर चल रहे सियासी विवाद के बीच देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर के पार दबाव में दिखा, जिससे बाजार और आम लोगों में चिंता बढ़ गई।
रुपये में गिरावट का असर सिर्फ मुद्रा बाजार तक सीमित नहीं रहता। इससे कच्चा तेल, आयातित सामान, विदेश में पढ़ाई, यात्रा और महंगाई पर भी असर पड़ सकता है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कमजोर रुपया और महंगा कच्चा तेल दोहरी चुनौती बन जाते हैं।
विपक्ष को मिला दोहरा मुद्दा
PM मोदी के Norway वीडियो विवाद और रुपये की कमजोरी ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मौका दे दिया है। एक तरफ Rahul Gandhi ने PM Modi को press freedom और सवालों से बचने के आरोपों के बीच घेरा, वहीं दूसरी तरफ रुपये की गिरावट को लेकर भी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
राजनीतिक तौर पर यह मुद्दा इसलिए भी बड़ा है क्योंकि इसमें विदेश नीति, लोकतांत्रिक जवाबदेही, मीडिया स्वतंत्रता और अर्थव्यवस्था—चारों बड़े विषय एक साथ जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
सियासी बहस और आर्थिक चिंता दोनों तेज
Norway में पत्रकार के सवाल से शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है। Rahul Gandhi के तंज के बाद मामला और गर्मा गया है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचना देश की आर्थिक स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है।
अब यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद और रुपये की गिरावट पर क्या प्रतिक्रिया देती है। फिलहाल PM Modi Norway Visit का यह वीडियो और भारतीय रुपये की कमजोरी, दोनों ही मुद्दे राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं।
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