कई दिनों से पानी की सतह पर बन रही लहरें; प्रारंभिक जांच में भूकंपीय गतिविधि का प्रमाण नहीं, भूजल रिचार्ज और फंसी हवा को संभावित कारण मान रहे अधिकारी
मोरबी। गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरडा गांव में खेत में बने एक कुएं के पानी में पिछले कई दिनों से असामान्य हलचल दिखाई दे रही है। पानी की सतह पर लगातार लहरें बनने के वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में घटना को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक निरीक्षण में इस हलचल को भूकंप से जोड़ने वाला कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
कुआं किसान प्राणजीवनभाई सारडिया के खेत में स्थित है। इसकी गहराई करीब 18 फीट बताई गई है और इसका निर्माण लगभग तीन महीने पहले हुआ था। हाल में हुई बारिश के बाद कुआं पानी से भर गया था। किसान के अनुसार, पानी में असामान्य हलचल पहली बार 2 अगस्त को दिखाई दी।
मंगलवार को थमी हलचल, बुधवार को फिर दिखाई दी
कुएं के पानी में रविवार और सोमवार को हलचल बनी रही। मंगलवार को कुछ समय के लिए पानी सामान्य दिखाई दिया, लेकिन बुधवार शाम फिर से सतह पर लहरें बनने लगीं। इसके बाद आसपास के इलाकों से लोग कुएं को देखने पहुंचने लगे।
घटना की जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद भू-विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। मामले को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भूकंप से जुड़ी आशंकाएं भी सामने आई थीं।
भूजल रिचार्ज और फंसी हवा को बताया संभावित कारण
जिला भूवैज्ञानिक जगदीश वाधेर के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, हाल में हुई बारिश के बाद क्षेत्र में तेजी से भूजल रिचार्ज हुआ है। संभावना जताई गई है कि जमीन के भीतर चट्टानों के छोटे रिक्त स्थानों में फंसी हवा पानी के दबाव के कारण बाहर निकल रही हो और इसी वजह से कुएं की सतह पर हलचल दिखाई दे रही हो।
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यह अभी प्रारंभिक आकलन है। पानी में हो रही हलचल के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही होगी।
भूकंपीय गतिविधि का प्रमाण नहीं मिला
जिला भूवैज्ञानिक के मुताबिक, मामले को लेकर गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च से भी संपर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस घटना से जुड़ी कोई भूकंपीय गतिविधि दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। भूवैज्ञानिक ने क्षेत्र में सक्रिय फॉल्ट से संबंधित संकेत नहीं मिलने की भी बात कही है।
इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च गुजरात में भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और इससे जुड़े अध्ययन करता है। संस्थान की वेबसाइट पर हाल के भूकंपों के लिए अलग मॉनिटरिंग सेक्शन उपलब्ध है।
विशेषज्ञ टीम करेगी विस्तृत जांच
मोरबी कलेक्टर स्वप्निल खरे ने मामले की विस्तृत जांच के लिए गांधीनगर से विशेषज्ञ टीम बुलाए जाने की जानकारी दी है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी स्वप्निल खरे वर्तमान जिला कलेक्टर के रूप में दर्ज हैं।
विशेषज्ञ टीम कुएं और आसपास की भूगर्भीय परिस्थितियों का अध्ययन करेगी। जांच में भूजल, जमीन की संरचना और पानी में हो रही हलचल से जुड़े संभावित कारणों का परीक्षण किए जाने की उम्मीद है। अंतिम तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही घटना का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन ने लोगों से घटना को लेकर अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने को कहा है। कलेक्टर ने भी लोगों से डर फैलाने वाली अपुष्ट जानकारियों से बचने की अपील की है।





