राजस्थान में लंबित LPG ई-केवाईसी के लिए 16 अगस्त तक का समय, 38 लाख उपभोक्ताओं का सत्यापन बाकी
मोबाइल ऐप, गैस एजेंसी और सिलेंडर डिलीवरी के समय पूरी की जा सकती है आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया
जयपुर। राजस्थान में जिन घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की आधार आधारित ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें 16 अगस्त 2026 तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। प्रदेश में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के करीब 1.85 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं।
तेल कंपनियों के हवाले से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इनमें से करीब 38 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी पूरी नहीं हुई है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 20 हजार उपभोक्ताओं का सत्यापन किया जा रहा है।
केवल लंबित उपभोक्ताओं को करानी है ई-केवाईसी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, आधार आधारित ई-केवाईसी सभी उपभोक्ताओं के लिए नया निर्देश नहीं है। यह प्रक्रिया केवल उन एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए है, जिनका आधार प्रमाणीकरण अब तक पूरा नहीं हुआ है।
जिन गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं ने पहले ई-केवाईसी पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं है।
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ई-केवाईसी के तीन माध्यम
✅लंबित उपभोक्ता तीन माध्यमों से ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं
✅संबंधित गैस वितरक के कार्यालय में बायोमैट्रिक सत्यापन के जरिए।
✅सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के उपकरण से।
✅संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए।
ऑनलाइन ई-केवाईसी के लिए तेल कंपनी के ऐप के साथ आधार का Aadhaar FaceRD App भी आवश्यक होता है।
कंपनी के अनुसार मोबाइल ऐप
✅इंडियन ऑयल के उपभोक्ता — IndianOil ONE
✅भारत पेट्रोलियम के उपभोक्ता — Hello BPCL
✅हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता — HP Pay
मोबाइल ऐप में एलपीजी कनेक्शन से जुड़े नंबर से लॉगिन करने के बाद ई-केवाईसी विकल्प के माध्यम से आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा किया जा सकता है।





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